मेहनत और हिम्मत को सलाम
बेहद गरीबी से निकलकर आज अपना बिज़नेस कर रहे रेणुका आराध्या की ज़िंदगी हताश-निराश लोगों के लिए प्रेरणा हो सकती है। रेणुका के पिताजी गोपसांद्रा गांव के मंदिर के पुजारी थे, लेकिन उन्हें कोई वेतन नहीं मिलता था। ऐसे में पिता के साथ वह भी गांव में घूमकर अन्न मांगते और फिर उसे बाज़ार में बेचते थे और उन्हीं पैसों से घर के पांच सदस्यों का गुजारा होता था। जब रेणुका छटी क्लास में गए, तो उन्होंने पढ़ाई के साथ ही घरों में झाड़ू-पोंछा करने का काम भी शुरु कर दिया। पैसों के लिए एक बुजुर्ग चर्मरोगी की सेवा भी […]