मैं कौन हूं?
कभी-कभी इंसान की आधी ज़िंदगी इस बात को सोचने में ही बीत जाती है कि वह कौन है? दुनिया की बनी रीत मे उलझकर बस आगे बढ़ने की होड़ में लग जाता है। एक तरफ जहां उसके दिमाग में अच्छा घर, अच्छी नौकरी चल रही होती है, तो वहीं दूसरी ओर उसे कहीं न कहीं इस दौड़ से थकान और घुटन भी महसूस होती है। वह समझ नहीं पाता कि जो वह कर रहा है, क्या वाकई में वह ऐसा चाहता है या फिर वह अपनी जिंदगी को किसी और बेहतर तरीके से जीना चाहता है। अगर आपको भी कुछ […]